१. "निन्दक नियैरे राखिये,खाय़ पियै सो जाये

१. "निन्दक नियैरे राखिये,खाय़ पियै सो जाये
ना काहू सै बोल सकै ,ना कोई पंगा पाय"

२. "नेता ऐसो चाहिये, जैसो सूप सुभाय
चंदो सारो गहि धरै, देय रसीद उडाय"

३. "रहिमन निज करमन की गाथा, मन ही राखो गोय
ना सेकेटरी को शामिल करो, ना शिबु सौरेन सी दुर्गति होय"

४. "रहिमन या राजनीति मे, कभी न खुन्दक दिखायै
ना जाने कब कौन से, दल मे शामिल होनो पड जाये"

५. "कबिरा तेरी झोपडी, गर है थाने के पास
करै कोई तू भरैगा, रख ले ये विश्वास"

६. "जब तक कुर्सी संग है, ले शराब मे रंग
पाच बरस के बाद मे, नसीब न होगी भंग"

७. "रहिमन या लीडरन ते, तजो बैर औ प्रीत
काटे चाटे स्वान के, दुहु भाती विपरीत"

८. "या लीडरन के चरित की, गति समझै नही कोई
ज्यो ज्यो डूबे श्याम रंग, त्यो त्यो उज्जल होई"

९. "कबिरा खडा पार्लियामेंट् मे, देवे सब को धौल
जो बोला सो पिटैगा, दुंगा खोपडी खोल"

१०. "रहिमन या संसार मे, मिलियो सब से धाय
न जाने कौन कब, प्रधान मंत्री बन जाये "

११. "रहिमन चमचा राखिये, काम आये वक्त पर
चमचा बिना न उबरे, नेता अभिनेता अफ़सर"

घोटालो एसो करो, काहु हवा न लगने पाय
ना बाटन को मामला, न चैनल खबर बनाय

बाणी एसी बोलिये, वोट-बैंक को हिसाब लगाये
जनता चाहे जलि मरै, चाहे कोर्ट मे चक्कर खाये

बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे अमिताभ उसूल
विज्ञापन ते नोट बनाय, बाकी जाये भूल

भला जो देखण मै चला, भला न मिलया कोए
मुझते और मेरे लाल ते जग मे भलो न कोए

"काल लूटॆ सो आज लूट, आज मारे सो अब
जब वोटिंग हो जायेगी, बहूरी करोगे कब."

चाकी चलती देखकर, दिया कबीरा रोये
पीस के सारा खा गई, दियो न रत्ती कोये
"काल करे सो आज कर, आज करे सो अब
जब कुरसी छिन जायेगी , कहा करोगे तब."

कछु न छ्डयो रे नेता कछु न छोटो होये
भुसे के घोटलो मै अरबॊ के नॊट होये

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