Syed asifimam kakvi's Blog Posts Tagged 'syed' (14)

भारत की तस्‍वीर यकीनन बदली है।

Syed Asifimam kakvi

02/02/2011

भारत की आजादी को 64 साल हो गए हैं। इन सालों में हमें कहां जाना चाहिए था, हम वास्‍तव में कहां हैं और आगे के सुनहरे सफर के लिए क्‍या करना चाहिए?आजादी का मकसद देश में बेरोजगारी और भूखमरी को पूरी तरह दूर करने के साथ-साथ मानसिक स्‍वतंत्रता हासिल करना था। उपेक्षितों को उनका हक दिलाना था। देश में अमीरी-गरीबी के बीच की खाई पाटने की जरूरत थी। पिछले 64 सालों में इस दिशा में काफी कामयाबी मिली है। भारत मजबूत अर्थव्‍यवस्‍था की ओर बढ़ रहा है। आज के युवा वर्ग…

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Added by syed asifimam kakvi on February 2, 2011 at 12:30pm — 1 Comment

भारतीय तिरंगे का इतिहास



प्रत्‍येक स्‍वतंत्र राष्‍ट्र का अपना एक ध्‍वज होता है। यह एक स्‍वतंत्र देश होने का संकेत है। भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज की अभिकल्‍पना पिंगली वैंकैयानंद ने की थी और इसे इसके वर्तमान…

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Added by syed asifimam kakvi on January 24, 2011 at 2:30pm — 2 Comments

दादा को किसी टीम में क्यों नहीं चुना गया

SYED ASIFIMAM KAKVI

11/01/2011

 इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण की नीलामी में कई रिकॉर्ड बन-टूट चुके हैं। साफ है, आईपीएल का विवादास्पद लेकिन, कामयाब सफर जारी है। आईपीएल को खड़ा और कामयाब बनाने का श्रेय लेने वाले और पहले तीन संस्करणों में कमिश्नर रहे ललित मोदी की विदाई का इस लीग पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। यानी साफ है कि कोई भी खिलाड़ी या अधिकारी खेल से बड़ा नहीं हो सकता है।



क्रिकेट के इस नए अवतार को दर्शकों ने हाथों-हाथ लिया है। यही वजह है कि कभी…

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Added by syed asifimam kakvi on January 11, 2011 at 2:00pm — 9 Comments

स्विस बैंकों में जमा हैं 462 अरब डालर काला धन

Syed Asifimam kakvi

भारत में भ्रष्टाचार किस हद तक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के भ्रष्ट लोगों ने 462 अरब डॉलर की राशि स्विस बैंकों में जमा कर रखी है और वहीं दूसरी ओर गरीबों को बुनियादी सेवाएं हासिल करने के लिए एक वर्ष में 900 करोड़ रुपए की रिश्वत देनी पड़ती है।

देश के लिए यह वर्ष भी भ्रष्टाचार और घोटालों का रहा है, जिनमें 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला, राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में भ्रष्टाचार और आदर्श आवासीय सोसायटी…

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Added by syed asifimam kakvi on December 11, 2010 at 8:00pm — 1 Comment

मतगणना बाद बिहार कि किस्मत का फैसला

मतगणना बाद बिहार कि किस्मत का फैसला

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Added by syed asifimam kakvi on November 10, 2010 at 2:00pm — No Comments

बिहारी : बदल रही है जिंदगी -

अभी हाल तक मलय स्कूल में था ! बारहवीं की परीक्षा के बाद जहाँ उसके सभी दोस्त आगे की पढाई के लिये कमर कस रहे थे - मलय अमरीका पहुँच छः महीने का 'हवाई जहाज' उड़ाने का ट्रेनिंग लिया और अब मात्र २२-२३ साल में वो 'कैप्टन' रैंक पर् पहुँच गया ! अभय मरे स्कूल का दोस्त है और मरे साथ ही काम करता है - मलय उसका छोटा साला है ! जब कभी मै मिलता हूँ - दोस्त के साले के नाते हंसी - मजाक ! बात बात में ही पूछ दिया - कितना मिलता है ? बोला - काट कूट के ५ लाख महीना ! अब वो बी एम डब्लू…
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Added by syed asifimam kakvi on November 3, 2010 at 6:30pm — No Comments

बिहार के अधिकतर मतदाताओं का फैसला आजादी के बाद से हमेशा सही रहा

बिहार के अधिकतर मतदाताओं का फैसला आजादी के बाद से हमेशा सही रहा

यदि किसी अफवाह का भारी असर न पड़े और मतदान केंद्रों पर जाने से जबरन नहीं रोका जाए तो बिहार के अधिकतर मतदाता आम तौर पर सही ही फैसला करते रहे हैं।आजादी के बाद के चुनावों का इतिहास यही बताता है।

सन 1952 के चुनाव से ही बात शुरू की जाए।सन 1942 के आंदोलन के समय…

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Added by syed asifimam kakvi on October 30, 2010 at 8:30pm — No Comments

विकास नहीं जाति आज भी है सबसे बड़ा मुद्दा

SYED ASIFIMAM KAKVI

आज के राजनीतिक पंडित चाहे चुनाव में विकास को जितना बड़े मुद्दे के रुप में उछालें लेकिन जमीनी सच्चाई तो कुछ और हीं वयां कर रहा है। लगभग हर राजनीतिक दल उम्मीदवारों की व्यक्तिगत छवि को हाशिये पर रखकर जातीय अंकगणित पर हीं टिकटों की गोटी फिट कर रहे हैं। आज कोई भी राजनीतिक दल दावे से यह नहीं कह सकता कि उसे जातीय वोटों के अंकगणित से कोई वास्ता नहीं है। कोई राजनीतिक दल यह भी नहीं दावा कर सकता कि व उम्मीदवारों के स्वच्छ छवि को हीं टिकट वितरण का आधार बना रहा है। अपवाद की बात…

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Added by syed asifimam kakvi on October 3, 2010 at 8:30pm — 3 Comments

रमजान : बाजार की रौनक का महीना

रमजान : बाजार की रौनक का महीना…
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Added by syed asifimam kakvi on September 8, 2010 at 1:41pm — No Comments

रमजान में इत्तेकाफ का बड़ा महत्व

रमजान में इत्तेकाफ का बड़ा महत्व







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Added by syed asifimam kakvi on August 31, 2010 at 3:00pm — No Comments

BIHAR KE MUSLIM JAGO

SYED ASIFIMAM KAKVI
बिहार के मुसलमानों के मुंह पर बीजेपी और नितीश कुमार का ज़ोरदार तमाचा। लोक सभा में नालंदा UNIVERSITY बिल पास लेकिन AMU का किशनगंज सेंटर ठन्डे बसते में । नितीश कुमार हुकूमत मुसलमानों के सब्र का ले रही हैं इम्तेहान । किया बिहार के मुसलमानों को जागने का वक़्त नहीं आया ? मुसलमानों को उल्लू बनाने वाली पार्टियों और ज़मीर बेचने वाले मुस्लिम नेताओं को सबक सिखाने का वक़्त है। सोने वालों जागते रहना चोरों की रखवाली…
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Added by syed asifimam kakvi on August 23, 2010 at 11:51am — 6 Comments

इस्लाम का जन्म

SYED ASIFIMAM KAKVI

JOINT SECRETARY

ALRABTA EDUCATIONAL TRUST

इस्लाम का अर्थ

इस्लाम अरबी शब्द है जिसकी धातु सिल्म है। सिल्म का अर्थ सुख, शांति, एवं समृद्धि है। कुरान के अनुसार जो सुख, संपदा और संकट में समान रहते हैं, क्रोध को पी जाते हैं और जिनमें क्षमा करने की ताकत हैं, जो उपकारी है, अल्लाह उन पर रहमत रखता है।

शब्दकोश में दिए अर्थ के अनुसार इस्लाम का अर्थ है - अल्लाह के सामने सिर झुकाना, मुसलमानों का धर्म। इस्लाम को अरबी में हुक्म मानना, झुक जाना, आत्म…

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Added by syed asifimam kakvi on August 22, 2010 at 1:32pm — No Comments

जनता दल यूनाइटेड या जनता दल डिवाइडेड

जनता दल यूनाइटेड या जनता दल डिवाइडेड


Syed Asifimam Kakvi

बिहार में आगामी विधानसा चुनाव के लिए स‌त्ताधारी गठबंधन ने तैयारी शुरू क्या की उसके भीतर भूचाल आ गया। जेडीयू में शीर्ष नेतृत्व में मतभेद का पता तो उसी स‌मय चल गया था जब शरद यादव और नीतीश कुमार ने खुलेआम महिला आरक्षण के मामले पर खुलेआम अलग लाइन ले ली थी।…

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Added by syed asifimam kakvi on August 4, 2010 at 11:30am — No Comments

बढ़ती महंगाई रोकिए प्रधानमंत्री जी

SYED ASIFIMAM KAKVI

JOINT SECREATARY

ALRABTA EDUCATIONAL TRUST

15/07/2010

आदरणीय प्रधानमंत्री जी,

मैं करोड़ों लोगों की तरफ से आपको लिख रहा हूं। ये वो करोड़ों मध्य और निम्नवर्गीय लोग हैं जिनके लिए पेट्रोल की कीमत बढ़ाना मायने रखता है। जिनके लिए सब्जी का महंगा होना उसके स्वाद से महरूम होना होता है। जिनके लिए हर महीने की तनख्वाह फिक्स है। बजट फिक्स है। कुल मिलाकर घरेलू मोर्चे पर उसके खर्च की चादर फिक्स है, उससे बाहर पांव निकालना उसके लिए संभव नहीं है।…

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Added by syed asifimam kakvi on July 15, 2010 at 5:30pm — No Comments

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