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एक मुलाकत बाल ठाकरे के साथ ?

Started this discussion. Last reply by Sanjay Kumar@pocketwap.net Feb 12, 2010. 0 Replies

आज कल  लगता है की लोगो को हमेशा सुर्ख़ियों में रहना ज्यादा अच्छा लगता हैं | अब जनाब बाला साहेब ठाकरे की ही पार्टी को लीजिये बात समझ में आ ही जायेगा | क्या तमाशा हो रहा है देश की आर्थिक राजधानी में यह…Continue

फिर निकली महाराष्ट्र से बदबू ?

Started Jan 23, 2010 0 Replies

आखिर जो बहुत दिनों से नहीं  हुआ था वो हो गया |उत्तर भारतीयों  के खिलाफ बहुत दिनों से महाराष्ट्र से कोई बात नहीं  निकली थी |इन्तजार तो सभी को राहत है की मराठी खुन फिर से बिहरियो को…Continue

बिहार की शिक्षा ?

Started Jan 16, 2010 0 Replies

गांवो के स्कूलो की शिक्षा पर आधारित गैर सरकारी संगठन प्रथम के रिपोर्ट के अनुसार बिहार में भी स्थिती ठीक नहीं हैं |अगर प्रथम की रिपोर्ट की बात करेन तो देश में ग्रामीण स्कूलो के 50 प्रतिशत बच्चे अभी भी…Continue

कुंभ में लगा डुबकी तब ही होगा बेडा पार ?

Started Jan 15, 2010 0 Replies

कुंभ का मेला लग गया है ,लगभग तीन महीनो तक चलेगा |हर कोई सोच रहा है की इस बार हरिद्वार जाकर पवित्र गंगा नदी में डूबकी लगा ही आये |बात भी सही है बहुत दिनों बाद ऐसे मौका मिला है और हरिद्वार तो हरि का…Continue

 

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अगर जाग गयी जनता?

Posted on January 13, 2011 at 5:07pm 2 Comments

आज देश के सामने एक विकट समस्या आन खड़ी हुई है| दिन पर दिन नए-नए घोटालों  की खबर उजागर हो रही है, कभी यह घोटाला तो कभी वह| कभी देश के राजा को कभी मंत्री| लेकिन इन सब का खामियाजा जिसे भुगतना पड़ रहा है वह है देश की प्रजा या कह सकते हैं तथाकथित रंक| जिम्मेदार लोग तो अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, आम लोगों के पैसों को डकारकर, शायद उनका यह सोचना है की आखिर सत्ता मिली ही तो है डकारने के लिए| लेकिन जैसा कहते हैं डकारने में भी कुछ फर्क होता है, कौन डकार रहा है| अगर गरीब डकारेगा तो…

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जय ज्योतिष महाराज की ?

Posted on January 9, 2010 at 11:22am 0 Comments

आज इस ब्लॉग पर अपनी भावना व्यक्त कर रहा हूँ सोच रहा हूँ क्या लिखूं पर जब शुरुआत कर चूका हूँ तो अंत भी तो करना ही होगा| बहुत लोग कहते हैं की पता नही आप इतना कुछ कैसे कह लेते हैं ,चलिए आज कुछ मिट्ठी बात ही करता हूँ| मैं कभी सोचता हूँ तो लगता है की दुनिया बड़ी ही अजीब है ,पर फिर एक मिनट ठहरकर सोचता हूँ तो लगता है अपनी जगह ठीक ही है यह दुनिया| आपको भी लगता होगा की क्या अजीब सी बात कर रहा है आज कुछ अता पता नही उलटी सीधी बकवास| लेकिन आज मैं थोड़ा अलग लिख रहा हूँ कुछ अलग चीज़ ,शायद आपको जानकारी होगी… Continue

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At 6:35pm on June 28, 2010, Bikash Kumar Singh said…
Its too good rohit,very nice m happy to find you.Best of luck.
At 11:00am on March 8, 2010, ROHIT KASHYAP said…
bas fine hun dear aur batayia
At 10:06pm on March 7, 2010, Rajeev Kumar said…
hi how r u

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