क्या नितीश कुमार की आय से ज्यादा साबित संपत्ति जब्ती ' काला जालिमाना कानून ' है ?

एक जनाब हैं श्री अरविन्द केजरीवाल .आज कल खबरों में छाये हुए हैं . ' इंडिया अगेंस्ट करप्सन ' मंच को मेनुपुलेट कर सब बाबाओं सबाओं को पहले इकठ्ठा कर फिर सब को धकिया भोले भाले ग्रामीण पृष्ठभूमि के गांधीवादी संत अन्ना जी हजारे को अनसन पर बिठा उपयोग कर ,भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों का जनरोष भुना ,कांग्रेस और मिडिया की तिकड़मी चाल से उस गुस्से को ' जन लोकपाल बिल ' के झुनझुने से सेफ्टी वाल्व बना, ' सिविल सोसाईटी ' के चेहरे बन ' जन लोकपाल बिल ' का मसौदा बनाने वाली टीम में घुसके राजनैतिक खेल की उस्तादी और तिकड़म का अच्छे अच्छे राजनीतिज्ञों से भी बढ़िया पैंतरा दिखा रहे हैं .

अब विडम्बना देखिये की ' भ्रष्टाचार के खिलाफ जनयुद्ध ' और इस सहज स्वाभाविक आन्दोलन को  'आजादी की दूसरी लडाई ' बता ये जनाब क्या फरमाते रहे ' इंडिया अगेंस्ट करप्सन ' के मंचों से लगातार बारबार . कि ....

 

" विनायक सेन की गिरफ्तारी और सजा एक सरकारी षड़यंत्र है " .

चलिए उनकी सजा के तार तो छत्तीसगढ़ सरकार और केन्द्रीय गृहमंत्री चिदंबरम के हुक्म से जुड़े थे तो शंका की गुंजाईश भी थी ,वैसे उनके न जाने कितने कारनामे और बयान उनको नक्सालियों का हमदर्द तो बताते ही थे .

लेकिन अरविन्द जी केजरीवाल एक बात और लगातार बारबार कहते रहे इसी मंच से .उस मंच से जो ' भ्रष्टाचार के खिलाफ जनयुद्ध ' कहलवाता जाता रहा , कि ............

 

" नितीश कुमार बिहार में आय से ज्यादा संपत्ति की जब्ती कर और उसका स्कूल अस्पताल वगैरह का जन लुभावन उपयोग कर सस्ती लोकप्रियता अर्जित करने के लिए ' एक काला जालिमाना द्राकोनियन कानून ' चला कर मनमानी कर रहे हैं "

आज एक समाचार है .लिंक पढ़ लीजिये पहले . फिर आगे की ' इंडिया अगेंस्ट करप्सन ' की अंदुरनी कहानी बताऊंगा और  इस तथाकथित ' गैर राजनैतिक आन्दोलन ' की अंदरूनी राजनीती भी ,क्योंकि इस से मैं भी शुरुवात से जुड़ा रहा हूँ  शुरू से ही . ....और दिल्ली कूच करने के पहले अन्नाजी हजारे की कई सभाओं में सह वक्ता रहा हूँ और दिल्ली की रामलीला मैदान की सभा वाले दिन ( ३० जनवरी २०११ , गाँधी निर्वाण दिवस ) की  मुंबई की पहली सभा से आयोजन समूह के साथ मुम्बई के आयोजन में भी . गांधी के साबरमती आश्रम से दांडी तक चल ' दांडी मार्च-२ ' के तहत नमक भी बना कर अन्नाजी की महाराष्ट्र की मुंबई की आख़िरी सभा में समर्पित किया उन्हें  और अन्ना जी ने कहा कि वे " यह नमक देश के कर्णधारों को चखाएंगे और निवेदन करेंगे कि गांधी के दांडी का नमक खाईये और वादा करिए कि देश के साथ ' नमक हरामी ' नहीं करेंगे और ' जन लोकपाल कानून ' पास करेंगे भ्रष्टाचार के खिलाफ ".

लेकिन पहले आप भी कुछ कहें क्योंकि यह सब बिहार के भविष्य से भी जुडा है और बिहार को विशेष पिछड़े राज्य के लिए नितीश कुमार सहित बिहार के सभी नेताओं की मांग को धता बताने की केंद्र सरकार की तिकड़म से भी जुड़ा है . वैसे एक निवेदन भी कि इस बीच अन्नाजी ( जिन्होंने नितीश के सुशासन की और भ्रष्ट संपत्ति जब्ती की कारवाई की हमेशा प्रसंशा ही की है और रोल माडल बताया है अपनाये जाने के लिए अन्य राज्यों में भी ) के साथ श्री अरविन्द केजरीवाल जन नेता के रूप में उभर बिहार आ रहे हैं . उनसे पूछ लें कि इस ' काले जालिमाना कानून ' के बारे में क्या कहना है उनका ,जिसे अब केंद्र भी मान्यता दे चुका है  ? क्या कहना है उनका बिहार की जनता से ? और आप भी बताएं कि इस कानून के बारे में आपका क्या कहना है . तो पढ़िए ..........

http://www.chauthiduniya.com/2010/03/babuon-par-nitish-ki-nakel.html     

 

 

Tags: भ्रष्टाचार

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